ख़ुमारी नींद भर
खला के दामन में
शर्मा के रात कोई,
जूनून-ए-जानशीं
शर्मिंदा करवट पले
सहम जाए ख़ामोशी
तेज़ साँसों तले
उनींदी उमर लिए,
इल्म-ए-खूबसूरती,
आवारा निगाहें बहें
लम्हों की गर्दन
गेसू लिपटती हुई यादें
पलकों पर आब-ए-हयात,
तिश्नगी का वजूद मिटाने
कमसिन रास्ते हरक़त करें
सुबह बड़ी शदीद
बेतरतीब बरसी वफायें
शब्-ए-फुरक़त तनहा शबनम
थकती बूंदो को भी
टपकने की फ़ुर्सत मिले
खूबसूरत माजी,
कुछ बेशकीमती नज्में
इश्क-ए-आवारा,
कोई ख़ाक-सी बरक़त मिले.........
खला के दामन में
शर्मा के रात कोई,
जूनून-ए-जानशीं
शर्मिंदा करवट पले
सहम जाए ख़ामोशी
तेज़ साँसों तले
उनींदी उमर लिए,
इल्म-ए-खूबसूरती,
आवारा निगाहें बहें
लम्हों की गर्दन
गेसू लिपटती हुई यादें
पलकों पर आब-ए-हयात,
तिश्नगी का वजूद मिटाने
कमसिन रास्ते हरक़त करें
सुबह बड़ी शदीद
बेतरतीब बरसी वफायें
शब्-ए-फुरक़त तनहा शबनम
थकती बूंदो को भी
टपकने की फ़ुर्सत मिले
खूबसूरत माजी,
कुछ बेशकीमती नज्में
इश्क-ए-आवारा,
कोई ख़ाक-सी बरक़त मिले.........
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