Friday, 1 June 2012

दो अधूरे सच ....

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हमने शुरुआत में ही सब तय कर लिया था ना राजेश??

हमदोनों कभी एक-दूसरे की आज़ादी में दखल नहीं डालेंगे.
हमदोनों अपनी जिंदगी जियेंगे और दूसरे को भी जीने देंगे.

मुझे समझ में नहीं आता तुम्हारी जिंदगी में कोई और लड़की क्यूँ नहीं है. Why can't you have a normal life ???  तुम्हारे अकेलेपन ने तुम्हारे चारों तरफ कोई अदृश्य घेरा बना डाला है, यहाँ तक की मैं भी उसे पार नहीं कर सकती..खैर तुम्हारी जिंदगी है-जैसे मर्ज़ी चाहे जियो लेकिन मुझे अपने तरीकों को आजमाने पर मजबूर मत करो pls !!

दूसरी तरफ फ़ोन पर राजेश cigerette  पर अपनी सारी कसर निकाल रहा है, जलने के बदले तो जलाने जैसा कोई काम बेहतर है.. - चलो ठीक है रचना तुम जैसा ठीक समझो.. तुम अपनी जिंदगी जियो और मैं अपनी तो जी ही रहा हूँ..

अब रचना की आवाज़ मोबाइल के स्पीकर से बाहर आ रही थी, एहतियातन राजेश उठकर केबिन से बाहर चला गया. ऑफिस के कोरिडोर में तेज़ कदम चलते हुए उसने फिर से डब्बी टटोली, अभी और जल सकती है.. रचना मानो सोमवार की सुबह को ट्रेफिक में फंसे मैनजर की तरह अब भी बड़-बड़ा रही थी जैसे अभी अभी उसे यही सब अपने HR , Seniors और फिर team को सुनाना हो-
जब भी मैं थोडा serious होती हूँ हमारी जिंदगी के बारे में, तुम्हें पता नहीं क्या हो जाता है??? सेंटी होकर मानो किसी खोल में छुप जाते हो? तुम बहरे तो नहीं हो गए हो ना??

नहीं रचना!! तुम्हारी बातों को समझने की कोशिश कर रहा हूँ.. तुम्हें पता है ना मैं कोशिश  कर रहा हूँ.. (गार्ड बीच में टोकता है- सर, और कुछ मंगाना तो नहीं है? दुकानें बंद हो जाएंगी) अरे यार, १२.३० में मीटिंग भी शुरू होनी है.. रचना, मैं तुम्हें थोड़ी देर में कॉल बैक करता हूँ,,,,

कोई जरुरत नहीं है, I am going  to sleep .. गुड नाईट ... आवाज़ तल्ख़ नहीं थी, लेकिन रूखापन अजीब था.. राजेश के होंठ फिर से सूखने लगे थे- उसने गार्ड को आवाज़ लगाई- "एक डायट कोक और एक छोटी गोल्ड फ्लेक का पैकेट"..... क्या रचना को कोई और मिल गया है?? लेकिन मेरी तरह कौन उससे प्यार करेगा- पागलपने की हद तक.. लेकिन यही दीवानापन अब उसे चुभने लगा है!!? क्या सही में मुझे चीजों को बैलेंस करना नहीं आता? लेकिन रचना कोई चीज़ तो नहीं है और उसे बैलेंस करने की जरुरत ही क्या है- मुझे अपने आप को और बदलना होगा.... कोक का कैन खोलने की आवाज़ ने जैसे राजेश को नींद से जगा दिया- मीटिंग शुरू होनेवाली है...................    


To Be  Continued ...............

2 comments:

  1. रोचक.....................
    रूमानियत के एहसास से भरा....

    आगे क्या???

    अनु

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    1. Thanks a Ton.. Now I'll write it further...:)

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