दोपहर की धूप में सूखती
कुछ देर छुपा कर रख रहा हूँ
पार्क की बेंच पर
दो नन्हीं सुनहरी मछलियाँ
क्रिकेट खेलते आवारा लड़के
आशंकाओं से इतना लगाव
गेंद आकर मेरी नाक पर ना लग जाये
प्लास्टिक की थैली में बंधीं
तुम-दोनों मुझे माफ़ करना
अब ये खेल नहीं देख सकतीं तुम
कुछ देर छुपा कर रख रहा हूँ
अपने फटेहाल बैग में
अब तो तुम-दोनों
सही जगह पर पहुँच गयी हो
मेरे सिरहाने
रोज़ सुबह पहली आँखें
देखेंगी सुख-समृद्धि, खुशहाली
तुम-दोनों को पता भी नहीं चला-ना?
चार्ल्स डार्विन की theory पढ़ कर
मैंने अपनी जिम्मेदारियां
चार दानों के साथ डाल दीं हैं
अब तुम्हारा survival जुड़ गया है
मेरे human होने के लिए
अब तक समझ नहीं आया?
एक काम करो
रोमीओ की पूँछ पर Nail Paint
और जूलियट पर थोडा Colosal लगा दो
कहीं मेरी जिम्मेदारियों से मर गयीं तो
इनकी हमशक्लें ना लाकर डाल दूँ

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